बुधवार, 7 नवंबर 2018

दीप सजे

















दीप सजे, चौखट मुस्कायी
सबके मन दीपावली आयी

आतिशबाजी बचपन के संग
लगी कदम से कदम मिलाने
नसीहतों की स्नेहिल छाया
साथ खड़ी उनको दुलराने
धूम-धड़ाकों ने अंबर तक
अपनी उपस्थिति दिखलायी

मिष्टान्नों में भरी भावना
तन से मन तक पहुँच रही है
भेद आज कुछ सुप्त हुए तो
समरसता की गंग बही है
दीवारों ने आज रिझाया
प्रीत वहाँ जमकर किलकायी

सिया-राममय जग ये सारा
सत्य सदा संतों की बानी
लक्ष्मी-गणेश घर-घर आये
हरने जन-जन की परेशानी
रहे अमर सत का उजियारा
किरणों ने इच्छा जतलायी

1 टिप्पणी:

  1. ब्लॉग बुलेटिन टीम की और मेरी ओर से आप सब को दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं|


    ब्लॉग बुलेटिन की दिनांक 07/11/2018 की बुलेटिन, " एक अनुरोध सहित दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं - ब्लॉग बुलेटिन “ , में आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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