शनिवार, 3 जनवरी 2015

शिशुगीत



१. बंदर












नटखट होता है बंदर
उछले-कूदे इधर-उधर
धूम मचा दे रस्ते में
हँसी दिला दे सस्ते में
खाता है रोटी, केले
गुलदाने, गुड़ के ढेले

२. भालू











भालू मोटा, ताकतवर
देख इसे लगता है डर
मधु खा के हो जाता खुश
जंगल में घूमे दिनभर

३. शेर










पीला-पीला राजा वन का
लंबे, भारी-भरकम तन का
चले शान से शीश उठा के
काम करे नित अपने मन का

४. बाघ











दुर्गामाता करें सवारी
सिंहराजा का जोड़ीदार
अपने भारत का प्रतीक भी
नहीं चूकते इसके वार

५. हाथी










मद से घूमे हो मतवाला
भीमकाय ये काला-काला
सूप समान कान दो प्यारे
सूँड़, दाँत में लगे निराला

६. गेंद












रंग-बिरंगी आती है
मेरा मन बहलाती है
बल्ले, हॉकी, रैकेट से
ढेरों खेल खिलाती है

७. पंखा










फर-फर, फर-फर चलता है
गरमी दूर भगाता है
निंदियारानी को लाकर
सारी रात सुलाता है

८. फूल












फूल खड़े रहते मुस्काते
दे रस मीठा मधु बनवाते
फ्रेंड इन्हीं की तितलीरानी
रोज सुनाती नयी कहानी
खुशबू-खुशबू हरदिन खेलें
इक-दूजे को पकड़ें-ठेलें
आँधी आती तो डर जाते
पत्तों में जाकर छिप जाते

९. लैपटॉप










गेम खिलाता, गीत सुनाता
टीचर जैसा हमें पढ़ाता
इसके अंदर जादू सारा
पलभर में ही रंग जमाता

१०. मोबाइल













मम्मी बात करे नानी से
पापा ऑफिस लेकर जाते
मोबाइल छोटा कम्प्यूटर
भैया इंटरनेट चलाते
मैं भी मन बहलाता हूँ
फोटो रोज खिंचाता हूँ

११. चिड़ियाघर










जब भी छुट्टी आती है
हम चिड़ियाघर जाते हैं
भालू, चीता, टाइगर देख
हँसते हैं, मुस्काते हैं

१२. कबूतर













उजला भी चितकबरा भी
कई रंगों में आता है
करे गुटरगूँ दाने चुग
मुझे कबूतर भाता है

१३. बिल्ली













दबे पाँव ये धीरे-धीरे
चली किचेन में आती है
रखी सारी दूध-मलाई
पल में चट कर जाती है
बिल्ली मौसी म्याऊँ-म्याऊँ
बोले चूहों को दौड़ाऊँ

१४. कुत्ता










भौं-भौं करता, पूँछ हिलाता
बदमाशों को दूर भगाता
मेरा पप्पी प्यारा-प्यारा
बिस्किट, रोटी मन से खाता

१५. कूलर















ठंढी-ठंढी हवा चलाए
गरमी में सर्दी ले आए
डाल बर्फ दो थोड़ी इसमे
रातों में कंबल ओढ़ाए

१६. तोता











मिर्ची खाना इसका काम
जपता रहता "सीताराम"
हरा शरीर लाल है चोंच
हमने रखा मिठ्ठू नाम

१७. कौआ









काला-काला, काँव-काँव
दिखता रहता मेरे गाँव
मैना से करता झगड़ा
खाता रोटी का टुकड़ा

१८. कार









हमको गोद बिठाती है
पिकनिकपर ले जाती है
साएँ-साएँ चल-चलकर
सारे शहर घुमाती है

१९. बाइक











ब्रूम-ब्रूमकर होती स्टार्ट
व्हीं-व्हींकर चलती है
सड़कोंपर आसानी से
बीचोंबीच निकलती है
पापा ऑफिस को जाते
स्कूल मुझे भी पहुँचाते
कितना पेट्रोल पीती है
मोबिल खाकर जीती है

२०. फ्रिज














ठंढा-ठंढा, कूल-कूल
आइसक्रीम जमाता है
मम्मी दूध, सब्जियाँ रखती
ताजा उन्हें बचाता है

२१. टीवी











चुटकी, भीम, कालिया, राजू
सबसे हमको मिलवाता
डोरेमॉन, घसीटा, मोटू
पतलू के घर ले जाता
डिस्कवरी चैनल टीचर सा
बातें नयी बताता है
छुट्टी मिलते टीवी देखो
मजा बहुत ही आता है

२२. चॉकलेट









चॉकलेट से बढ़िया कुछ ना
तुम भी दिनभर खाओ जी
पॉकिटमनी मिले जितनी भी
सारे की ले आओ जी

२३. टीचर










हमको रोज पढ़ाते हैं
अच्छी बात बताते हैं
नहीं मारते कभी हमें
होमवर्क दे जाते हैं

२४. तारे













तारे कितने सारे हैं
दीपक से उजियारे हैं
गिन-गिनकर थक जाता हूँ
जाने कब सो जाता हूँ

२५. पेंसिल













धड़-धड़, धड़-धड़ चलती है
लिखता ही मैं जाता हूँ
१० में १० नंबर हरबार
परीक्षाओं में लाता हूँ

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