मंगलवार, 3 जून 2014

सिंह राजाजी की शादी - बाल कविता

भालू नाचे ढोल बजाता
छब्बू गीदड़ गाना गाता
उधर झूमता मटरू तोता
इधर हिनू घोड़े का पोता

चिड़िया तोरणद्वार सजाती
चुमकी बकरी माला लाती
छुटकू खरहा तले कचौरी
बना रहा चिपु बंदर मौरी

दिवस बड़ा शुभ है जो आया
खुशियों की सौगातें लाया
सिंह राजाजी की शादी है
सबको बनना बाराती है

(चित्र अंतरजाल से साभार)