शुक्रवार, 30 मई 2014

मुक्त उड़ान-हाइकु के क्षेत्र में एक नया हस्ताक्षर कुमार गौरव अजीतेन्दु - समीक्षा - ऋता शेखर 'मधु'

मेरे प्रथम हाइकु संकलन "मुक्त उड़ान" की समीक्षा आदरणीया ऋता दी के द्वारा.......



मुक्त उड़ान-हाइकु के क्षेत्र में एक नया हस्ताक्षर कुमार गौरव अजीतेन्दु

शुक्तिका प्रकाशन, कोलकाता द्वारा प्रकाशित हाइकु संग्रह 'मुक्त उड़ान' पढ़ने को मिली| यह युवा हाइकुकार कुमार गौरव अजीतेन्दु जी का एकल हाइकु संग्रह है| पुस्तक के नाम के अनुसार हाइकु परिंदों ने सचमुच में मुक्त उड़ान लगाई है| हर भाव, हर क्षेत्र, हर परिस्थिति , हर उम्र के हाइकु चुनकर लाए हैं अजीतेन्दु के भाव परिंदों ने| पुस्तक का मूल्य मात्र १००/- है| भूमिका के रूप में अपना आशीष भरा हाथ तरुण हाइकुकार के सिर पर रखा है उत्कृष्ट साहित्यकार आचार्य संजीव वर्मा सलिल जी ने| पूरे ५०० हाइकु वाली पुस्तक पढ़ते हुए मैं कई स्थानों पर स्तब्ध रह गई अजीतेन्दु की परिपक्व सोच पर| कहते हैं न कि युवा पीढ़ी में असीम संभावनाएँ होती हैं वह नवहाइकुकार की रचनाओं में प्रत्यक्ष प्रतीत होती है| अवलोकन करते हैं उनके हाइकु काव्यों का जो आपको भी अचंभित किए बिना न रहेंगे|

कोई भी अनजानी राह पर पथिक का डरा हुआ मन ऐसे ही बोलेगा|


पुस्तक परिचय - मुक्त उड़ान (हाइकु संकलन)






















पुस्तक :  मुक्त उड़ान

विधा : हाइकु (500 हाइकु संकलित)

प्रकार : पेपरबैक

पृष्ठ : 108

संस्करण : प्रथम

मूल्य : 100/- रुपये (कोई डाकखर्च नहीं)

लेखक : कुमार गौरव अजीतेन्दु

भूमिका : आचार्य संजीव वर्मा "सलिल"

आईएसबीएन : 978-81-925946-8-2

प्रकाशक : शुक्तिका प्रकाशन, कोलकाता

पुस्तक मँगवाने के लिए संपर्क करें :

सुरेश कुमार चौधरी
शुक्तिका प्रकाशन, 508 न्यू अलीपुर मार्केट कॉम्प्लेक्स
न्यू अलीपुर, कोलकाता - 700053
मोबाइल: 09830010986
ईमेल: skchoudhary2005@gmail.com