शनिवार, 29 मार्च 2014

नवसंवत्सर आ गया - कुंडलिया

नवसंवत्सर आ गया, जागी नयी उमंग।
हर्ष, स्वप्न, विश्वास भी, लाया है वो संग॥
लाया है वो संग, कामनाओं की कलियाँ,
सजा पुनः मन-खेत, उगी उर्जा की फलियाँ।
आशाएं हों पूर्ण, भरे सुख से सबका घर,
बोले जन-जन झूम, नमन हे नवसंवत्सर॥

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