रविवार, 5 जनवरी 2014

जुगलबंदी (हाइकु की)

(१)
साँसों के संग
भरता हूँ सीने में
तुमको ही मैं
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सीने में जा के
चूमी हैं धड़कनें
मैंने तुम्हारी

(२)
तेरी आहटें
दिल को लगती हैं
प्रणय-धुन
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मेरी आहटें
ढूँढती हैं हमेशा
साथ तुम्हारा

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