बुधवार, 10 जुलाई 2013

बाल मुक्तिका





















अरे बच्चों चलो देखें, नया सर्कस जो आया है।
तमाशों का पिटारा इक वो अपने संग लाया है।

लिये ढोलक चले ठुम-ठुम बँदरिया झूमती-गाती,
चलाता साइकिल भालू सभी के मन को भाया है।

सलामी दे रहा हाथी, तो तोता दागता तोपें,
किसी दमदार ने बाइक को रॉकिट सा उड़ाया है।

गुजर जाती मजे से आग के छल्लों से इक लड़की,
बड़ी हिम्मत भरी उसमें, उसे डर छू न पाया है।

करामातें दिखाते गेंद से जोकर रँगीले नौ,
चलाना बाघ को रिक्शा भला किसने सिखाया है।

लगा मौका मजे ले लो, सुनाना स्कूल में किस्से,
कि कैसे शेर ने करतब दिखा सबको हँसाया है।