गुरुवार, 25 अप्रैल 2013

जय जय श्री हनुमान






















संतन के प्यारे बड़े, भक्तन के अभिमान।
करुँ निशिदिन मैं वंदना, जय जय श्री हनुमान॥(१)

रामदूत के नाम से, भागें भूत-पिशाच।
फूँके भय की झाड़ को, रामभक्ति की आँच॥(२)

गगन दबाता है चरण, चँवर डुलावे काल।
महावीर, बलवान हैं, अंजनि माँ के लाल॥(३)

हनुमत ही हैं प्रेरणा, सदकर्मों के मूल।
बजरंगी के तेज से, खिलते मरु में फूल॥(४)

महाप्रतापी केसरी, के सुत प्रभु हनुमान।
अंजनि माँ के लाडले, करते हैं कल्याण॥(५)

वेदों के ज्ञाता बड़े, दाता, कृपानिधान।
पवनतनय, संकटहरण, हैं हनुमत भगवान॥(६)

हनुमत का आशीष है, भारत वृक्ष विराट।
कोई भी बैरी नहीं, सकता जिसको काट॥(७)

पार लगाते मारुती, दुख-विपदा कर दूर।
कभी नहीं मन मानना, खुद को तू मजबूर॥(८)

दानव सेना घेर ले, भूत चलायें बाण।
जपो नाम हनुमान का, बच जाएंगे प्राण॥(९)

काहे को भटके मनुज, इधर-उधर अविराम।
हनुमत ही देंगे तुझे, मनवांछित परिणाम॥(१०)

16 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल शुक्रवार (26-04-2013) के चर्चा मंच 1226 पर लिंक की गई है कृपया पधारें. सूचनार्थ

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    1. अवश्य प्रिय मित्रवर। हार्दिक आभार आपका........

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  2. बहुत सुन्दर सामयिक प्रस्तुति ..
    जय जय श्री हनुमान ...

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    1. जय श्रीराम, जय हनुमान...........

      आदरणीया कविता जी, आपका हार्दिक आभार..........

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  3. बेहद उम्दा रचना | जय श्री राम | बजरंगबली की जय

    कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
    Tamasha-E-Zindagi
    Tamashaezindagi FB Page

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    1. जय श्रीराम, जय हनुमान............

      आदरणीय तुषार जी, स्वागत है आपका। हार्दिक आभार...........

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  4. सुंदर प्रस्तुति आभार.
    जय जय श्री हनुमान जी.

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    1. जय बजरंग बली.........

      आदरणीया रंजना वर्मा जी आपका बहुत-बहुत धन्यवाद......

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    1. बहुत-बहुत धन्यवाद आपका आदरणीय सुज्ञ सर।

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  6. बहुत सुन्दर और सार्थक प्रस्तुति!
    साझा करने के लिए धन्यवाद!

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    1. हार्दिक आभार आपका आदरणीय रूपचन्द्र शास्त्री सर।

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  7. सामयिक प्रस्तुति ..जय हनुमान

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    1. आपका बहुत-बहुत धन्यवाद भाई संजय जी। स्नेह बनाए रखें। जय हनुमान

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