शुक्रवार, 15 मार्च 2013

कुण्डलियाँ


(१)
सुनके-गुनके हाल सब, हमको आया ज्ञान।
ट्रक उँगली से खींचना, होता है आसान॥
होता है आसान, चाँद पर महल बनाना,
सबसे मुश्किल काम, गधों को है समझाना।
नहीं घुसेगी बात, कभी भेजे में उनके,
झगड़ेंगे वो मूर्ख, अक्ल की बातें सुनके॥

(२)
कीमत है इस बात की, सुन लो देकर कान।
घोंचू, उल्लू, भैंस को, मत दो मति का दान॥
मत दो मति का दान, भेड़ के घर में जा के,
देंगे झाड़ू मार, भगाकर बाहर ला के।
इनको करो प्रणाम, इसी में भई गनीमत,
वर्ना जानो आप, चुकानी होगी कीमत॥

दो कुण्डलियाँ बच्चों के लिये



बोला भालू शेर से - "शेरू मेरे यार"।
काफी दिन हैं हो गये, चलो आज बाजार॥
चलो आज बाजार, घूम-फिर कर घर आयें,
पिक्चर-विक्चर देख, समोसे-लड्डू खायें।
सुना बिका कल खूब, बर्फ का मीठा गोला,
हम भी तो लें स्वाद, ठुमकता भालू बोला॥

सुनकर शेरू क्रोध में झपटा - "सुन रे ढीट"।
भालू के बच्चे तुझे, अब मैं दूँगा पीट॥
अब मैं दूँगा पीट, मुझे तू मूर्ख बनाता,
जब जाता बाजार, जेब मेरी कटवाता।
खाता तू तरमाल, चुकाता मैं चुन-चुनकर,
भागा सिर पर पैर रखे भालू यह सुनकर॥

9 टिप्‍पणियां:

  1. कीमत है इस बात की, सुन लो देकर कान।
    घोंचू, उल्लू, भैंस को, मत दो मति का दान॥
    मत दो मति का दान, भेड़ के घर में जा के,
    देंगे झाड़ू मार, भगाकर बाहर ला के।
    इनको करो प्रणाम, इसी में भई गनीमत,
    वर्ना जानो आप, चुकानी होगी कीमत॥
    बहुत सही कहा है आपने .सार्थक प्रस्तुति . आभार मृत शरीर को प्रणाम :सम्मान या दिखावा .महिलाओं के लिए एक नयी सौगात आज ही जुड़ें WOMAN ABOUT MAN

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    1. आपका हार्दिक आभार शालिनी जी.........

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  2. बहुत ही सार्थक कुंडलियाँ.

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    1. बहुत-बहुत धन्यवाद आदरणीय राजेन्द्र जी........

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  3. बहुत बढ़िया कुण्डलियाँ छंद आदरणीय-
    शुभकामनायें-


    कीमत की-मत बात कर, मत मतलब से डाल |
    डाल डाल उल्लू दिखें, अपनी जात सँभाल |
    अपनी जात सँभाल, वोट जस रोटी बेटी |
    जाय भाड़ में देश, सियासत मटिया-मेटी |
    भाषा धर्म प्रदेश, यहीं तक बाँट गनीमत |
    वोट कभी मत बेंच, वोट की समझो कीमत ||

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  4. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति का लिंक लिंक-लिक्खाड़ पर है ।।

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    1. आपका बहुत-बहुत धन्यवाद आदरणीय रविकर सर...........

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  5. वाह वाह ... लाजवाब कुण्डलियाँ ...सब कुछ आसान है ... मूरख को समझाने के सिवा ...

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    1. आपका बहुत-बहुत आभार आदरणीय.........

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