शनिवार, 22 दिसंबर 2012

सात हाइकु


१.

राजा की मौज
रंकों के लिये श्राप
जाड़े के दिन

२.

रैनबसेरा
ठिठुरते गरीब
पूस की रात

३.

बीड़ी का कश
अलाव का सहारा
दीनों का जाड़ा

४.

मजदूर है
हाड़ कँपकँपाता
मजबूर है

५.

ओस की बूँदें
बेघरों को बींधती
तीर समान

६.

नेता जी आये
कंबल बँटवाये
हुआ घोटाला

७.

फटे चिथड़े
टूटे-फूटे झोंपड़े
पाले की मार

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