गुरुवार, 8 नवंबर 2012

देशगीत (स्वतंत्रता दिवस पर विशेष)


जो कह गए शहीद, चलो उसको दुहराएँ |
आजादी का पर्व, आओ मिलकर मनाएँ ||

है दिन जिसको वीर, जीत कर के लाए थे,
चट्टानों को चीर, मौत से टकराए थे |
कर लें उनको याद, जिन्होंने शीश कटाए,
आजादी का पर्व, आओ मिलकर मनाएँ ||

नहीं सुगम था मार्ग, बिछे मिलते थे काँटे,
कैसे-कैसे दुःख, आर्यपुत्रों ने बाँटे |
अपना वो इतिहास, कभी भी हम न भुलाएँ,
आजादी का पर्व, आओ मिलकर मनाएँ ||

सावरकर, आजाद, भगत सिंह जैसे बेटे,
भारत माँ के नाम, बर्फ पर नंगे लेटे |
न मानी हार मगर, दुश्मन को हरा आए,
आजादी का पर्व, आओ मिलकर मनाएँ ||

गुँजित है आज गगन, भारत की हुँकारों से,
हुई थी शुरुआत, क्रांतिकारी नारों से |
अपना है अब काम, और आगे ले जाएँ,
आजादी का पर्व, आओ मिलकर मनाएँ ||

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