गुरुवार, 22 नवंबर 2012

श्री हनुमान भजन





















रामभक्त हनुमान करेंगे मेरा कल्याण,
लेकर ऐसा विश्वास, प्रभु दर पे आया हूँ।
आपका ही सहारा है, आपको ही पुकारा है,
ठुकराना मत मुझे, फूल श्रद्धा के लाया हूँ॥

संसार दुखालय है, व्याप्त केवल अँधेरा,
कब बीतेगी ये रात्रि, कब आएगा सवेरा 
फैलाते जा रहे फण कलियुग के दानव,
मद में चूर घूमता उन्मत्त हो के मानव॥
आस मुझे भगवन आपसे ही दिखती है,
अन्य सभी जगहों से मैं बड़ा घबराया हूँ 
आपका ही सहारा है, आपको ही पुकारा है,
ठुकराना मत मुझे, फूल श्रद्धा के लाया हूँ॥

भरी झोली कितनों की आपने एक बार में,
आ गई खुशहालियाँ सबके घरबार में।
आपकी भक्ति से कृपा श्रीराम की मिलती है,
आशायें पूरी होकर पुष्प बन खिलती हैं॥
कर रहा हूँ विनती, पूरी हो पवनपुत्र,
भाग्य हैं मेरे दर्शन आपके कर पाया हूँ।
आपका ही सहारा है, आपको ही पुकारा है,
ठुकराना मत मुझे, फूल श्रद्धा के लाया हूँ॥

1 टिप्पणी:

  1. भरी झोली कितनों की आपने एक बार में,
    आ गई खुशहालियाँ सबके घरबार में।
    आपकी भक्ति से कृपा श्रीराम की मिलती है,
    आशायें पूरी होकर पुष्प बन खिलती हैं॥
    कर रहा हूँ विनती, पूरी हो पवनपुत्र,
    भाग्य हैं मेरे दर्शन आपके कर पाया हूँ।
    आपका ही सहारा है, आपको ही पुकारा है,
    ठुकराना मत मुझे, फूल श्रद्धा के लाया हूँ॥
    bhavvibhor kar diya aapne .aabhar

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