बुधवार, 3 अक्तूबर 2012

हाइकु : हमारे गाँव


१. निष्कपटता
भाईचारे की छाँव
हमारे गाँव

२. प्यार के रिश्ते
सुख दुःख के साथी
गाँव के वासी

३. आम के बाग
पंछी चहचहाते
मन को भाते

४. खेतों की मिट्टी
किसानों का पसीना
देश के लिए

५. बड़ी शर्मीली
शोख रंग रंगीली
गाँव की गोरी

६. फाग की मस्ती
बैसाखी का धमाल
चैता का गान

७. कुएँ का पानी
लिट्टी चोखा का स्वाद
क्या एहसास

८. मक्के की रोटी
हो सरसों का साग
फिर क्या बात

९. बदली हवा
खो रही मानवता
बचे हैं गाँव

१०. थोडा सा गुस्सा
मीठी सी नोकझोंक
बैर नहीं है

११. सत्य वचन
भारत गांवों में है
सच्चा भारत

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